भारत vs न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज़: रचिन रवींद्र और मार्क चैपमैन बाहर, नई टीम और पूरा शेड्यूल

Rachin Ravindra

तस्वीर: रचिन रवींद्र (वेलिंगटन फायरबर्ड्स के लिए खेलते हुए) — स्रोत: JaumeBG, Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

भारत बनाम न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज़ से पहले न्यूज़ीलैंड की टीम को बड़ा झटका लगा है। न्यूज़ीलैंड क्रिकेट ने सोमवार, 2 नवंबर को ऐलान किया कि स्टार ऑलराउंडर रचिन रवींद्र और बल्लेबाज़ मार्क चैपमैन भारत के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज़ में नहीं खेल पाएंगे। दोनों खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं और टीम प्रबंधन ने टेस्ट सीरीज़ से पहले उन पर कोई ज़ोखिम नहीं लेने का फैसला किया है। यह सीरीज़ बुधवार, 4 नवंबर से ऑकलैंड में शुरू हो रही है। भारत ने इससे पहले खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज़ 3-2 से अपने नाम की थी, इसलिए वनडे सीरीज़ में भी रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है।

रचिन रवींद्र की चोट

रचिन रवींद्र की चोट ने न्यूज़ीलैंड की चिंता बढ़ा दी है। न्यूज़ीलैंड क्रिकेट के बयान के मुताबिक, रचिन के दाहिने कंधे को पूरी तरह ठीक होने में अभी और समय चाहिए, ताकि वह पूरी क्षमता के साथ फील्डिंग कर सकें। बताया गया है कि रचिन को यह चोट हाल ही में एक प्रचार शूट के दौरान लगी थी। कंधे की चोट से फील्डिंग में दिक्कत होती है, और वनडे जैसे लंबे फॉर्मेट में फील्डिंग का बड़ा रोल होता है। टीम प्रबंधन का मानना है कि रचिन को जल्दबाज़ी में मैदान पर उतारने से चोट बढ़ सकती है, इसलिए उन्हें आराम दिया गया है। रचिन न्यूज़ीलैंड के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं, क्योंकि वह बल्लेबाज़ी के साथ-साथ गेंदबाज़ी भी करते हैं और टीम को संतुलन देते हैं। उनकी गैरमौजूदगी से न्यूज़ीलैंड की बल्लेबाज़ी और फील्डिंग दोनों कमज़ोर होंगी।

मार्क चैपमैन की हैमस्ट्रिंग चोट

दूसरी ओर, मार्क चैपमैन बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग चोट से जूझ रहे हैं। हाल ही में कराए गए एमआरआई स्कैन से पता चला है कि उनकी हैमस्ट्रिंग को पूरी तरह ठीक होने में अभी दो हफ्ते का रिहैबिलिटेशन और चाहिए। हैमस्ट्रिंग की चोट तेज़ दौड़ने और अचानक दिशा बदलने में परेशानी करती है, जो क्रिकेट में हर समय ज़रूरी होता है। चैपमैन मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज़ हैं और बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में न्यूज़ीलैंड को मध्यक्रम में अनुभव की कमी खलेगी। टीम के मुख्य कोच ने भी माना है कि रचिन और मार्क जैसे खिलाड़ियों की कमी टीम के लिए बड़ा नुकसान है, क्योंकि दोनों ही किसी भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

टीम में बदलाव — कौन आया

दोनों खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद न्यूज़ीलैंड ने टीम में कई बदलाव किए हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज़ टिम साइफर्ट, जिन्हें पहले सिर्फ चौथे और पांचवें वनडे के लिए चुना गया था, अब पूरी सीरीज़ के लिए टीम में रहेंगे। हेनरी निकोल्स पहले तीन मैचों के लिए टीम में आए हैं, जबकि डीन फॉक्सक्रॉफ्ट आखिरी दो मैचों में खेलेंगे। तेज़ गेंदबाज़ मैट हेनरी, जिन्हें भारत के खिलाफ टी20 सीरीज़ के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव आया था, सोमवार को टीम के साथ जुड़ गए हैं, लेकिन वह खेल पाएंगे या नहीं, इसका फैसला उनकी फिटनेस जांच के बाद होगा। मैट फिशर को भी अतिरिक्त गेंदबाज़ी विकल्प के तौर पर पूरी सीरीज़ के लिए टीम में रखा गया है। टीम की कप्तानी मिचेल सैंटनर करेंगे, जिन पर अब युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के सही संतुलन की ज़िम्मेदारी होगी।

सीरीज़ का पूरा शेड्यूल

सीरीज़ का शेड्यूल भी तय हो चुका है। पहला वनडे बुधवार, 4 नवंबर को ऑकलैंड में खेला जाएगा। इसके बाद मैच वेलिंगटन और हैमिल्टन में होंगे, जबकि आखिरी दो वनडे माउंट माउंगानुई में 13 और 15 नवंबर को खेले जाएंगे। इस दौरे का समापन 19 नवंबर से वेलिंगटन में शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ से होगा। टेस्ट सीरीज़ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है, इसलिए दोनों टीमों के लिए यह दौरा और भी अहम हो जाता है। इससे पहले टी20 सीरीज़ में भारत ने पहले तीन मैच जीतकर सीरीज़ अपने नाम की थी, हालांकि पांचवां टी20 मैच हैमिल्टन के सेडन पार्क में न्यूज़ीलैंड ने जीता था। वनडे सीरीज़ में भारत की नज़र इस लय को बरकरार रखने पर होगी, जबकि न्यूज़ीलैंड घरेलू मैदान पर वापसी करना चाहेगा।

पुजारा की भविष्यवाणी — कोहली vs रोहित

सीरीज़ से पहले भारत के पूर्व बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा ने भी अपनी राय दी है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। पुजारा का मानना है कि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ में विराट कोहली के शतक लगाने की संभावना रोहित शर्मा से थोड़ी ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हैं, जहां वह पारी को संभालकर लंबे समय तक टिक सकते हैं, जबकि रोहित को पावरप्ले में तेज़ शुरुआत की ज़िम्मेदारी निभानी होती है, जिससे उनका खेल न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों में अलग तरह का हो सकता है। दोनों दिग्गज हाल ही में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ घरेलू सीरीज़ में शानदार फॉर्म में थे। रोहित ने तीन पारियों में 225 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था और उनका सर्वोच्च स्कोर 101 रन था। वहीं कोहली ने तीन पारियों में 168 रन बनाए थे, जिसमें 296 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पहले मैच में 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन की शानदार पारी भी शामिल थी। पुजारा ने सीरीज़ के 2-2 से बराबर रहने की भविष्यवाणी भी की है और कहा है कि बारिश के कारण एक मैच धुल भी सकता है, क्योंकि सीरीज़ के दौरान टीमों में बदलाव भी होंगे।

इंडिया ए vs न्यूज़ीलैंड ए — दूसरा अनौपचारिक टेस्ट

इसी दौरे पर इंडिया ए और न्यूज़ीलैंड ए के बीच दूसरा अनौपचारिक टेस्ट भी खेला जा रहा है, जिसमें भारतीय गेंदबाज़ों ने दम दिखाया है। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले जा रहे इस मैच में न्यूज़ीलैंड ए ने पहली पारी में 424 रन बनाए। मैथ्यू बॉयल ने 110 रन और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 93 रन की पारी खेली। भारत की ओर से मुकेश कुमार ने 87 रन देकर पांच विकेट लिए, जो उनके प्रथम श्रेणी करियर का 12वां पांच विकेट हॉल है। मोहम्मद सिराज ने 118 रन देकर चार विकेट चटकाए। पहली पारी में 346 रन बनाने वाली इंडिया ए ने दूसरी पारी में दिन का खेल खत्म होने तक बिना विकेट खोए 32 रन बना लिए थे। यशस्वी जायसवाल 20 रन और साई सुदर्शन 11 रन पर नाबाद थे। इंडिया ए अब भी 46 रन पीछे है और मैच के आखिरी दिन उसे संघर्ष करना होगा।

हांगकांग सिक्सेस में अफगानिस्तान का ऐतिहासिक खिताब

क्रिकेट की एक और बड़ी खबर हांगकांग सिक्सेस से आई है, जिसने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं। अफगानिस्तान ने 1 नवंबर को हांगकांग के मोंग कोक स्थित मिशन रोड ग्राउंड में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर पहली बार हांगकांग सिक्सेस का खिताब अपने नाम किया। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 6 ओवर में 115 रन बनाए थे, जिसके जवाब में अफगानिस्तान ने 116 रन का लक्ष्य 5.1 ओवर में ही हासिल कर लिया और स्कोर 119/2 तक पहुंच गया। फाइनल के हीरो इमरान मीर रहे, जिन्होंने सिर्फ 14 गेंदों पर नाबाद 53 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें सात छक्के शामिल थे। कप्तान गुलबदीन नायब की अगुवाई में अफगानिस्तान ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारा। ग्रुप चरण में उसने ओमान और दक्षिण अफ्रीका को हराया, सेमीफाइनल में स्कॉटलैंड को मात दी और फिर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ अफगानिस्तान हांगकांग सिक्सेस जीतने वाला आठवां देश बन गया है। यह खिताब अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

अब सबकी नज़र 4 नवंबर को ऑकलैंड में होने वाले पहले वनडे पर है। न्यूज़ीलैंड की नई टीम में टिम साइफर्ट की भूमिका अहम होगी, क्योंकि उन्हें पूरी सीरीज़ खेलने का मौका मिला है। वहीं भारत के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा की फॉर्म सबसे बड़ी ताकत होगी। चोटों से जूझ रही न्यूज़ीलैंड टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर वापसी करना चाहेगी, जबकि भारत टी20 सीरीज़ की जीत की लय को वनडे में भी जारी रखना चाहेगा। यह सीरीज़ दोनों टीमों के लिए टेस्ट सीरीज़ से पहले आत्मविश्वास हासिल करने का भी मौका है।

स्रोत: न्यूज़ीलैंड क्रिकेट, द इंडियन एक्सप्रेस, डेक्कन हेराल्ड, द हिंदू, द ट्रिब्यून (एएनआई), ईटीवी भारत, क्रिकट्रैकर

टिप्पणियाँ