सीधा जवाब: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 31 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के नाशिक में सिंहस्थ महाकुंभ के ध्वज-स्तंभ पूजन और ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक बताया।

नाशिक सिंहस्थ कुंभ में राष्ट्रपति ने क्या कहा?
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मुर्मू ने कहा कि कुंभ मेलों में देशभर से श्रद्धालुओं का जुटना भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता तथा परंपराओं की निरंतरता दिखाता है। उन्होंने सिंहस्थ 2027 को विरासत और आधुनिक समय के बीच सेतु बनने की उम्मीद जताई।
यह खबर भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
नाशिक-त्र्यंबकेश्वर में 2027 के सिंहस्थ की तैयारियों के बीच राष्ट्रपति ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी पर जोर दिया। उनके भाषण में महाराष्ट्र के सूखे और किसानों पर मौसम के असर का भी उल्लेख था। यह आयोजन धार्मिक पर्यटन, शहर की व्यवस्थाओं और पर्यावरण प्रबंधन पर राष्ट्रीय ध्यान लाता है।
यह जानकारी किस स्रोत से है?
यह रिपोर्ट राष्ट्रपति सचिवालय और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की 31 अक्टूबर 2026 की विज्ञप्ति पर आधारित है। मूल PIB विज्ञप्ति पढ़ें।
प्रकाशित: 1 नवंबर 2026 | राष्ट्रवादी समाचार डेस्क
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