सीधा जवाब: भारत सरकार ने कपास आयात पर मौजूदा सीमा शुल्क छूट को 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक कर दिया है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना 35/2026-Customs के जरिए यह विस्तार किया गया।

कपास शुल्क छूट क्यों बढ़ाई गई?
वस्त्र मंत्रालय ने घरेलू कपड़ा उद्योग की कच्चे माल की जरूरतों का हवाला दिया है। सरकार के अनुसार छूट से कपास की उपलब्धता और कीमतों में प्रतिस्पर्धा को समर्थन मिल सकता है तथा वस्त्र और परिधान निर्माताओं को कच्चा माल जुटाने में लचीलापन मिलेगा।
क्या इससे किसानों पर असर पड़ेगा?
सरकार ने कहा है कि कपड़ा उद्योग की जरूरत और घरेलू कपास किसानों के हितों में संतुलन रखा जाएगा। वास्तविक कीमतों और किसानों की आय पर असर बाजार आपूर्ति, मांग और स्थानीय मंडी भाव पर निर्भर करेगा।
स्रोत और सत्यापन
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प्रकाशित: 1 नवंबर 2026 | राष्ट्रवादी समाचार डेस्क
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