
तस्वीर: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज भवन, मुंबई — स्रोत: Niyantha Shekhar, Wikimedia Commons, CC BY 2.0
सोमवार, 2 नवंबर को भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त तेज़ी देखने को मिली। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में ही 764.72 अंक की बढ़त के साथ खुला और सुबह करीब 10 बजे तक यह 1000 अंक से ज़्यादा की उछाल पर पहुंच गया। निफ्टी में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। इस तेज़ी की सबसे बड़ी वजह रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयरों में आई ज़बरदस्त उछाल रही, जो कंपनी के रिकॉर्ड तिमाही मुनाफ़े के बाद आई है। एशियाई बाज़ारों में बढ़त, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने भी बाज़ार के उत्साह को बढ़ाया। निवेशकों के लिए यह दिन काफ़ी अच्छा रहा, क्योंकि बाज़ार के लगभग सभी बड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
रिलायंस का रिकॉर्ड तिमाही मुनाफ़ा
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयरों में 6 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई, जो इस उछाल का सबसे बड़ा कारण बनी। कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफ़ा दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 33.8 प्रतिशत ज़्यादा है। यह कंपनी के इतिहास का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफ़ा माना जा रहा है। रिलायंस के तेल-से-रसायन कारोबार में मज़बूत प्रदर्शन, रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार और जियो प्लेटफॉर्म्स की बढ़त ने मुनाफ़े को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। रिलायंस सेंसेक्स का सबसे भारी शेयर है, इसलिए इसके शेयरों में तेज़ी का असर पूरे बाज़ार पर दिखता है। जब रिलायंस जैसे बड़े शेयर में इतनी बड़ी खरीदारी आती है, तो निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है और दूसरे शेयरों में भी तेज़ी आती है।
तेज़ी के पीछे 4 बड़े कारण
इस तेज़ी के पीछे चार बड़े कारण माने जा रहे हैं। पहला कारण रिलायंस के रिकॉर्ड नतीजे हैं, जिन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि बड़ी कंपनियों की कमाई मज़बूत बनी हुई है। दूसरा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है, जिससे तेल आयात करने वाले देशों और कंपनियों पर दबाव कम होता है। तीसरा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी है। शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने 3,598.54 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो बाज़ार के लिए सकारात्मक संकेत है। चौथा कारण एशियाई बाज़ारों में आई बढ़त है, जिसने भारतीय बाज़ार के खुलने से पहले ही अच्छा माहौल बना दिया था। इन सभी कारणों के एक साथ आने से सेंसेक्स में इतनी बड़ी उछाल देखने को मिली।
आम लोगों पर असर — LPG सिलेंडर की नई कीमत
बाज़ार की इस तेज़ी के बीच आम लोगों से जुड़ी एक और अहम खबर भी आई है। 1 नवंबर से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी कीमत 2,820 रुपये हो गई है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जो त्योहारों से पहले आम परिवारों के लिए राहत की बात है। कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्तरां और छोटे कारोबारों में होता है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का असर उन कारोबारों पर पड़ सकता है। लेकिन घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर रहने से घरों के बजट पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के मौसम में घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर रखना आम लोगों के लिए अच्छा संकेत है।
निवेशकों के लिए इस तेज़ी का मतलब
बाज़ार की इस तेज़ी का आम निवेशकों के लिए क्या मतलब है, यह समझना भी ज़रूरी है। जब सेंसेक्स में एक दिन में 1000 अंक से ज़्यादा की उछाल आती है, तो इसका मतलब है कि निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है और बाज़ार में पैसा आ रहा है। हालांकि बाज़ार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है, इसलिए एक दिन की तेज़ी को लंबी अवधि का रुझान मान लेना सही नहीं होगा। आने वाले दिनों में निवेशकों की नज़र कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों के रुख पर रहेगी। त्योहारों के मौसम में गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री और कंपनियों के अच्छे नतीजे भी अर्थव्यवस्था की मज़बूती का संकेत दे रहे हैं। ऐसे में बाज़ार की हर हलचल पर नज़र रखना और जल्दबाज़ी में फैसले न लेना ही समझदारी है।
कुल मिलाकर, 2 नवंबर का दिन भारतीय बाज़ार के लिए काफ़ी सकारात्मक रहा। रिलायंस के रिकॉर्ड मुनाफ़े ने बाज़ार को नई ऊर्जा दी है और सेंसेक्स की 1000 अंक से ज़्यादा की उछाल ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी भी बाज़ार के पक्ष में है। अब देखना यह होगा कि यह तेज़ी आने वाले दिनों में भी बरकरार रहती है या बाज़ार कुछ मुनाफ़ावसूली देखता है। लेकिन इतना तय है कि भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाज़ार की मज़बूती ने एक बार फिर निवेशकों का भरोसा जीता है।
स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस, फ्री प्रेस जर्नल
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