सीधा जवाब: 1 नवंबर 2026 से उलटे शुल्क ढांचे (Inverted Duty Structure) के मामलों में पात्र इनपुट सेवाओं पर जमा ITC भी रिफंड गणना में शामिल हो सकेगा। इससे योग्य कारोबारों की कार्यशील पूंजी का अटका हिस्सा कम हो सकता है।

1 नवंबर से GST में क्या बदलेगा?
PIB की FAQ के अनुसार, 1 नवंबर 2026 या उसके बाद ली गई पात्र इनपुट सेवाओं का ITC, inverted duty structure के तहत रिफंड की गणना में Net ITC का हिस्सा बन सकेगा। यह सुविधा तभी लागू होगी जब इनपुट वस्तुओं और आउटपुट सप्लाई की दरों के बीच नियमों के अनुसार वास्तविक उलटा शुल्क ढांचा मौजूद हो।
किन कारोबारियों को फायदा हो सकता है?
ऐसे कारोबार जिनके इनपुट पर GST दर उनके तैयार माल की आउटपुट दर से अधिक है, और जो पात्र इनपुट सेवाएं लेते हैं, उन्हें रिफंड गणना में अतिरिक्त ITC शामिल करने का लाभ मिल सकता है। केवल इनपुट सेवाओं की ऊंची दर होना अपने आप पात्रता नहीं बनाता। दावा संबंधित GST नियमों और दस्तावेजों के अधीन होगा।
स्रोत और सत्यापन
यह लेख PIB के आधिकारिक FAQ पर आधारित है। PIB का पूरा FAQ पढ़ें।
प्रकाशित: 1 नवंबर 2026 | राष्ट्रवादी समाचार डेस्क
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